नदिया के पार की याद दिलाती फिल्म ‘पहल’

फ़िल्मी दुनिया


सन 1982 में आई राज श्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी हिंदी फ़ीचर फिल्म नदिया के पार ने जिस तरह भारतीय सिनेमा के दर्शकों को स्वच्छ पारिवारिक मनोरंजन प्रदान किया । जो सभी वर्ग के दर्शकों को खूब पसंद आया था । उसी तरह एकलव्य फिल्म्स के बैनर तले बनी हिंदी फ़ीचर फिल्म ‘पहल’ गुजरे ज़माने की याद दिलाती एक स्वच्छ पारिवारिक फिल्म है । फिल्म के निर्माता रामसूरत बिन्द के द्रष्टिकोण से ‘पहल’ इसलिए भी खास है क्योकि पहल फिल्म के माध्यम से उन्होंने भारतीय सामाजिक मूल्यों को एक बार फिर से दिखाने का प्रयास किया है । ‘पहल’ फिल्म के लेखक और गीतकार सुरेश कुमार एकलव्य कहते हैं कि ‘पहल’ फिल्म की पटकथा और संवाद दर्शकों को बहुत पसंद आयेंगे । क्योकि ‘पहल’ पहले के समय और वर्तमान समय में व्यक्ति के सामाजिक दायित्वों को लेकर एक सवाल खड़ा करती है । ‘पहल’ फिल्म के गीतों को पंचम निषाद ने मधुर धुन से सजाकर कर्णप्रिय बनाया है । ‘पहल’ फिल्म के निर्देशक ने बड़ी ख़ूबसूरती से ग्रामीण परिवेश के द्रश्यों को फिल्म में दिखाने का प्रयास किया है । जो फिल्म को और अधिक खूबसूरत बना देते हैं । राजशेखर साहनी जो ‘पहल’ फिल्म के नायक है,इस फिल्म के माध्यम से अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत कर रहे हैं । और इस फिल्म में बतौर मुख्य अभिनेत्री उनका साथ दे रही हैं प्रियंका रघुवंशी ।साथ ही ओम प्रकाश ‘ओम’ चरित्र अभिनेता के रूप में अपनी अभिनय कला का जौहर दिखाते हुए नजर आयेंगे ।अन्य कलाकारों में सागर शान,विपिन गौड़, मुकेश जायसवाल,सुनील निषाद,आशा,विद्या,केतन सोनी,सुभाष और बृजनाथ अभिनय करते हुए नजर आयेंगे । गाँव के लहलहाते खेत,गाँव की गलियाँ और चौपाल,नदी के किनारों के साथ हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में फ़िल्माये गए गानों के सजी ‘पहल’बहुत जल्द दर्शकों का मनोरंजन करती नजर आएगी ।


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